जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसका बचपन खुशीपुर्बक बीतता है जैसे -जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाती है . बह अपने करीयर के बारे में सोच ता रहता है .और अपनी कढी मेहनतके बल पर सफल होता है | जब उसकी उम्र २५
से ३० के करीब होती है .तो बह समाज मे अच्छाई बुराई को समझता है | लेकीन जैसे -जैसे बह बुढ़ापे की और बढ़ता है उसका जीवन लगभग नरक के सामान हो जाता है |बह बुढ़ापे में सीर्फ झुजता रहता है उसे कुछ समझ मे नहीं आता के बह क्या करे |
