गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही है, लेकिन इस मुकाबले में पार्टी महासचिव राहुल गांधी को आगे नहीं करेगी। उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों और गुजरात की सियासी वास्तविकताओं के मद्देनजर कांग्रेस ने मोदी बनाम राहुल की बहस को ही खारिज कर दिया है।
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व नहीं चाहता कि गुजरात विधानसभा चुनाव में दोनों में सीधे मुकाबले का संदेश जाए। सूत्रों के मुताबिक, काग्रेस राहुल गाधी को गुजरात विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक नहीं बनाएगी। वह गुजरात में प्रचार तो करेंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश वाले अंदाज में नहीं।
वैसे गुजरात में कांग्रेस बिहार और उत्तर प्रदेश के मुकाबले इस दफा अपने लिए बेहतर स्थिति मान रही है। इसके बावजूद पार्टी राहुल की प्रतिष्ठा को इस चुनाव से जोड़ने के पक्ष में नहीं है।
दरअसल, सोशल साइट्स से लेकर पूरे देश में जिस तरह से प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के लिए अभियान चल रहा है, उससे वह तुलना से बचना चाहती है।
काग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी से बुधवार को जब पूछा गया कि क्या राहुल गाधी गुजरात में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे? तो उन्होंने कहा कि 'सभी राज्यों के चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई गुजरात में चुनाव लड़ने में सक्षम है।' जाहिर है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर बेहद सतर्क है और राहुल बनाम मोदी मुकाबले की स्थिति से परहेज करेगी।
समझा जा रहा है कि बिहार और उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के फ्लॉप शो के कारण पार्टी फिर फजीहत से बचना चाहती है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, लेकिन अखिलेश यादव की अगुआई में समाजवादी पार्टी ने ऐतिहासित जीत दर्ज की थी।
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व नहीं चाहता कि गुजरात विधानसभा चुनाव में दोनों में सीधे मुकाबले का संदेश जाए। सूत्रों के मुताबिक, काग्रेस राहुल गाधी को गुजरात विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक नहीं बनाएगी। वह गुजरात में प्रचार तो करेंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश वाले अंदाज में नहीं।

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